छोरी (छोरे तें ): कितने भान-भाई सो?
छोरा : 6 भाई एर 2 भान...
छोरी: क्यों बाबू ने और कोए काम koni tha?
......
छोरा ( थोड़ी देर चुप रह के ..): एर थम कितने सो?
छोरी: बस 2.... मैं ar मेरा भाई
छोरा : क्यों Baabu में "Dum" koni था ?
=================================
एक बार बनिए का ब्याह हो गया .........उसने क्यां ऐ का न बेर था ....थोड़े दिन पाछे उसके
घर आले कहन लाग गे की बेटा बालक बुलक कर ले ........तो बनिए का एक बढ़िया जाट
दोस्त था ....वो उस धोरे चला गया और बोल्या भाई ये बालक क्यूकर होया करे ......तो
जाट बोल्या भाई तू रात ने अपनी बाननी ने ले क म्हारे घेर में आज जाइये अर्र दिवा
लियईये ....
रात ने बनिया पहुच जा है बाननी ने ले क.....तो जाट बनिए ते दिवा पकड़ा दे है और बनिए
ने सुथरी ढाल समझा दे है की क्यूकर होया करे बालक ......
कई साल बाद बनिए क घर आवे है जाट....देखे है की बनिए क ५-६ बालक हो रहे थे
......तो जाट पूछे है की आखिर तन्ने लाग ऐ गया बेरा की बालक क्यूकर होया करे ....तो
बनिया बोल्या हाँ इसमें के करना था ....बस दिवा ऐ पकड़ना था .....
छोरा : 6 भाई एर 2 भान...
छोरी: क्यों बाबू ने और कोए काम koni tha?
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छोरा ( थोड़ी देर चुप रह के ..): एर थम कितने सो?
छोरी: बस 2.... मैं ar मेरा भाई
छोरा : क्यों Baabu में "Dum" koni था ?
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एक बार बनिए का ब्याह हो गया .........उसने क्यां ऐ का न बेर था ....थोड़े दिन पाछे उसके
घर आले कहन लाग गे की बेटा बालक बुलक कर ले ........तो बनिए का एक बढ़िया जाट
दोस्त था ....वो उस धोरे चला गया और बोल्या भाई ये बालक क्यूकर होया करे ......तो
जाट बोल्या भाई तू रात ने अपनी बाननी ने ले क म्हारे घेर में आज जाइये अर्र दिवा
लियईये ....
रात ने बनिया पहुच जा है बाननी ने ले क.....तो जाट बनिए ते दिवा पकड़ा दे है और बनिए
ने सुथरी ढाल समझा दे है की क्यूकर होया करे बालक ......
कई साल बाद बनिए क घर आवे है जाट....देखे है की बनिए क ५-६ बालक हो रहे थे
......तो जाट पूछे है की आखिर तन्ने लाग ऐ गया बेरा की बालक क्यूकर होया करे ....तो
बनिया बोल्या हाँ इसमें के करना था ....बस दिवा ऐ पकड़ना था .....
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